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आप स्वयं कैसे सुखी होंगे

जीवन को सफल बनाने के लिए दूसरों को सुख देना चाहिए। परंतु इससे पहले आपको स्वयं सुखी होना आवश्यक है।   जो मिठाई वाला है, वह दूसरों को मिठाई दे सकता है।     जो कपड़े का व्यापारी है,   वह दूसरों को कपड़ा दे सकता है। लकड़ी का व्यापारी लकड़ी दे सकता है। और लोहे का व्यापारी लोहा दे सकता है। इन सब प्रत्यक्ष उदाहरणों से यही पता चलता है, कि जिस व्यक्ति के पास जो वस्तु है, वह व्यक्ति दूसरों को वही वस्तु दे सकता है।   इसी प्रकार से जो स्वयं सुखी है, वही दूसरों को सुख दे सकता है। और जो व्यक्ति स्वयं दुखी है, वह तो दूसरों को दुख ही देगा। उसके पास सुख है...

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भारत में जिन महिलाओं का जीवन आदर्श, वीरता, त्याग तथा देशभक्ति के लिए सदा याद किया जाता है, उनमें रानी अहल्याबाई होल्कर का नाम प्रमुख है।

 तपस्वी राजमाता अहल्याबाई होल्कर भारत में जिन महिलाओं का जीवन आदर्श, वीरता, त्याग तथा देशभक्ति के लिए सदा याद किया जाता है, उनमें रानी अहल्याबाई होल्कर का नाम प्रमुख है। उनका जन्म 31 मई, 1725 को ग्राम छौंदी (अहमदनगर, महाराष्ट्र) में एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। इनके पिता श्री मनकोजी राव शिन्दे परम शिवभक्त थे। अतः यही संस्कार बालिका अहल्या पर भी पड़े। एक बार इन्दौर के राजा मल्हारराव होल्कर ने वहां से जाते हुए मन्दिर में हो रही आरती का मधुर स्वर सुना। वहां पुजारी के साथ एक बालिका भी पूर्ण मनोयोग से आरती कर रही थी। उन्होंने उसके पिता को बुलवाकर उस बालिका को अपनी पुत्रवधू बनाने का प्रस्ताव रखा। मनकोजी राव भला क्या कहते; उन्होंने...

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एक दिन एक चोर भी सेठ जी के पास उधार मांगने पहुँचा

एक सेठ जी बहुत ही दयालु थे । धर्म-कर्म में यकीन करते थे । उनके पास जो भी व्यक्ति उधार मांगने आता, वे उसे मना नहीं करते थे । सेठ जी मुनीम को बुलाते और जो उधार मांगने वाला व्यक्ति होता उससे पूछते कि "भाई ! तुम उधार कब लौटाओगे ? इस जन्म में या फिर अगले जन्म में ?" जो लोग ईमानदार होते वो कहते - "सेठ जी ! हम तो इसी जन्म में आपका कर्ज़ चुकता कर देंगे । " और कुछ लोग जो ज्यादा चालक व बेईमान होते वे कहते - "सेठ जी ! हम आपका कर्ज़ अगले जन्म में उतारेंगे । और अपनी चालाकी पर वे मन ही मन खुश होते कि "क्या मूर्ख सेठ है...

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अपने बच्चों की क्षमताओं व प्रतिभा की कद्र करें चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो और उन्हें उसी दिशा में अच्छा करने दें |

हुआ यूँ कि जंगल के राजा शेर ने ऐलान कर दिया कि अब आज के बाद कोई अनपढ़ न रहेगा। हर पशु को अपना बच्चा स्कूल भेजना होगा। राजा साहब का स्कूल पढ़ा-लिखाकर सबको Certificate बँटेगा। सब बच्चे चले स्कूल। हाथी का बच्चा भी आया, शेर का भी, बंदर भी आया और मछली भी, खरगोश भी आया तो कछुआ भी, ऊँट भी और जिराफ भी। FIRST UNIT TEST/EXAM हुआ तो हाथी का बच्चा फेल। "किस Subject में फेल हो गया जी?" "पेड़ पर चढ़ने में फेल हो गया, हाथी का बच्चा।" "अब का करें?" "ट्यूशन दिलवाओ, कोचिंग में भेजो।" अब हाथी की जिन्दगी का एक ही मक़सद था कि हमारे बच्चे को पेड़ पर चढ़ने में Top कराना है। किसी...

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हमेशा अनुभवों पर भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी, जीवन आपको धोखा दे सकता है

एक दिन, मेरे पिता ने हलवे के 2 कटोरे बनाये और उन्हें मेज़ पर रख दिया। एक के ऊपर 2 बादाम थे, जबकि दूसरे कटोरे में हलवे के ऊपर कुछ नहीं था। फिर उन्होंने मुझे हलवे का कोई एक कटोरा चुनने के लिए कहा, क्योंकि उन दिनों तक हम गरीबों के घर बादाम आना मुश्किल था.... मैंने 2 बादाम वाले कटोरे को चुना! मैं अपने बुद्धिमान विकल्प / निर्णय पर खुद को बधाई दे रहा था, और जल्दी जल्दी मुझे मिले 2 बादाम हलवा खा रहा था। परंतु मेरे आश्चर्य का ठिकाना नही था, जब मैंने देखा कि की मेरे पिता वाले कटोरे के नीचे 4 बादाम छिपे थे! बहुत पछतावे के साथ, मैंने अपने निर्णय में जल्दबाजी करने के...

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आजकल सच्चाई, ईमानदारी बहुत कम दिखाई देती है।

पुराना वाक्य है, ज़माना ख़राब है।आजकल सच्चाई, ईमानदारी बहुत कम दिखाई देती है।     https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wStarsclick_11574867   आज से 40 वर्ष पहले झूठ छल कपट चोरी रिश्वतखोरी बेईमानी आदि दोष इतनी मात्रा में नहीं थे, जितने आज हैं। ऐसा बहुत से लोग अनुभव करते और कहते भी हैं।     ये सब दोष आज देश दुनिया में बढ़ गए, कहां से आए। कहीं आसमान से नहीं आए, संसार के लोगों ने ही इन दोषों का व्यवहार बढ़ा दिया। इन्हीं लोगों के दुष्ट व्यवहारों के कारण, आज स्थिति खराब से और अधिक खराब होती जा रही है।     जब कुछ लोग बैठकर इन दोषों की चर्चा करते हैं, कि संसार में झूठ छल कपट चोरी बेईमानी रिश्वतखोरी झूठे आरोप लगाना...

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अस्पताल के मालिक डॉक्टर ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की

अस्पताल में एक एक्सीडेंट का केस आया। अस्पताल के मालिक डॉक्टर ने तत्काल खुद जाकर आईसीयू में केस की जांच की। दो-तीन घंटे के ओपरेशन के बाद डॉक्टर बाहर आया और अपने स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी प्रकार की कमी या तकलीफ ना हो और उससे इलाज व दवा के पैसे न लेने के लिए भी कहा। तकरीबन 15 दिन तक मरीज अस्पताल में रहा। जब बिल्कुल ठीक हो गया और उसको डिस्चार्ज करने का दिन आया तो उस मरीज का तकरीबन ढाई लाख रुपये का बिल अस्पताल के मालिक और डॉक्टर की टेबल पर आया। डॉक्टर ने अपने अकाउंटऔरमैनेजर को बुला करके कहा- इस व्यक्ति से एक पैसा भी नहीं लेना है। ऐसा करो तुम उस...

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कैसे सुधारे अपने बच्चे की ज़िद और ग़ुस्से को?

कैसे सुधारे अपने बच्चे की ज़िद और ग़ुस्से को?हँसकर दें जवाब: विशेषज्ञों के अनुसार जब भी आपका बच्चा गुस्सा होता है तब वह आपसे यह अपेक्षा करता है कि आप उसकी इस हरकत पर गुस्सा या मायूस होंगे जो आमतौर पर सभी पेरेंट्स करते हैं। पर आप ऐसा कुछ ना करें और माहौल को बदलने के लिये कुछ पल तक शांति बनाएं रखे और हँसे। आपके इस बर्ताव से उसे भी हँसी आएगी और आगे चलकर वो इस तरह का गुस्सा करने से बचेगा। सब्र का फल मीठा होता है: बच्चों को उनकी मनचाही चीज न मिलने पर ही वे ज़िद करते हैं। ऐसे में उनकी इस आदत को बदलने के लिये आप उन्हें सब्र करना सिखायें। बच्चों में धैर्य...

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तुम्हारे जैसे वकील और जज मेरे द्वारा पढाए हुए ना जाने कितने हैं।।

एक वकील ने एक शिक्षक को कुआँ बेचा। दो दिन बाद वकील साहब शिक्षक के घर आ धमके और बोले-मास्टर जी! मैंने आपको कुआँ बेचा है, उसके अन्दर का पानी नहीं । अगर आप पानी लेगें तो पैसा अलग से देना होगा । मास्टर जी धैर्य से बोले- अच्छा हुआ वकील साहब आप आ गये मैं खुद आपके पास आने ही वाला था ,यह कहने कि मेरे कुएँ से अपना पानी निकाल लीजिये, नहीं तो कल से किराया लगेगा । सुनते ही वकील साहब बोले मास्टर जी मैं तो मजाक कर रहा था, मास्टर जी ने कहा ज्यादा होशियारी ना करो , तुम्हारे जैसे वकील और जज मेरे द्वारा पढाए हुए ना जाने कितने हैं।।

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